Sunday, November 27, 2011

मेरे इस शहर का भी मिज़ाज बदल जायेगा...

तेरी आँखों में जो सपनो का घर बसाएगा
तेरी मुस्कान में वो बहारों का पता पायेगा
जब भी देखेगी तू इस ओर मेहरबां होकर
मेरे इस शहर का भी मिज़ाज बदल जायेगा

***श्रवण***

No comments:

Post a Comment