मेरे पलाशवन
Wednesday, February 8, 2012
इस शाम से पहले का शमां डूब रहा है
इस शाम से पहले का शमां डूब रहा है
ये मन तन्हां-तन्हां क्यों डूब रहा है
पश्चिम में डूबता हुआ कहता है सूरज
मैं यहाँ डूब रहा हूँ,तू वहां डूब रहा है
***श्रवण***
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