मेरे पलाशवन
Sunday, February 19, 2012
दूसरों के दर्द से
दर्द के बदले ख़ुशी मिलने लगी है आज कल
दूसरों के दर्द से ख़ुशहाल हैं बस्ती के लोग
***श्रवण***
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment