(एक)
ख़ाली वक़्त में यूँ चुपचाप
बैठना नहीं अच्छा,
हुज़ूर!शिकार कीजिये कि
दिल हमारे पास है
और
तीर आपके पास...
(दो)
अपने घर से उसने हमें
लौटाया बार-बार,
हर बार यह कहकर
कि अभी जाइये,
फिर आइयेगा
हम करेंगे इंतज़ार..
(तीन)
जहाँ उन आँखों में
सुधियाँ बहुत गहरी हुई होंगी,
अपनी ज़िंदगी भी आजकल
वहीँ ठहरी हुई होगी...
***श्रवण***
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