मेरे पलाशवन
Friday, January 6, 2012
तुमने जाने कि कसम खाई है जबसे...
अब तसल्ली के लिए कोई पैगाम नहीं
मुश्किलें इतनी बढ़ीं हैं कि आराम नहीं
तुमने जाने कि कसम खाई है जबसे
इससे बड़ा कोई मातम-कोहराम नहीं
***श्रवण***
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