Thursday, January 26, 2012

नयनों के द्वार खोले आ गयी सुबह..

(एक)
मधुर गीतों से भरा है प्यार,आओ झूम लें
नेह के इन निर्झरों को मन-प्राणों से चूम लें
अब न बैरागी रहेगा मन हमारा, प्रण करें
अनुरागों की बगिया में चलो फिर घूम लें

(दो)
नयनों के द्वार खोले आ गयी सुबह
सुधियों में प्यार घोले आ गयी सुबह
भूल कर सपनों की बातें,ऐ भोले मन
किरणों संग झूम ले, भूल जा विरह
***श्रवण***

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