मेरे पलाशवन
Friday, January 13, 2012
आखिर ये दीवार क्यों नहीं टूटती है,यार!
उस तरफ तेरा प्यार,इस तरफ मैं बेकरार
बीच में फैली ये हरजाई ज़माने की दीवार
अब कैसे चलेगा,बोलो,स्नेह का कारोबार
आखिर ये दीवार क्यों नहीं टूटती है,यार!
***श्रवण***
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