मेरे पलाशवन
Saturday, January 21, 2012
ठिठुरन जब गहरी हो...
ठिठुरन जब गहरी हो,
अलाव तापते लोगों में-
न कोई पंजाबी न ईसाई,
न कोई अछूत न अस्पृश्य,
न कोई हिन्दू न मुसलमान होता है,
ठण्ड से मुक्ति तलाशता हर तन-मन
सिर्फ़ एक धर्मनिरपेक्ष
इंसान होता है.
***श्रवण***
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