Sunday, January 15, 2012

खेत पर खड़ा पुतला ज्यों...

(एक)
रूप-रंग चोखा है
नाम भी अनोखा है,
सावधान!-- कहा किसी ने
खेत पर खड़ा पुतला ज्यों
धोखा है...
धोखा है.

(दो)
दिल के हैं पत्थर पर
चेहरे बड़े भोले हैं,
चांदी के बर्तन में
तीखा ज़हर घोले हैं.

(तीन)
चिंता-चिता
दो जुड़वा बहनें,
तन-मन को सिर्फ़
जलाना जानती हैं,
ज़िंदगी भर
और ज़िंदगी के बाद.
***श्रवन***

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